कुछ ऐैन हुए कुछ ग़ैन हुए
बस यूं समझो बेचैन हुए
दो चार जो बीते उसके संग
उन लमहों के कौनैन हुए
दो चार जो लिखनेवाले थे
आगे पीछे सब बैन हुए
तुमने नेहरू को गाली दी
हम तो नेहरू के फैन हुए
देखे क्या क्या फ़ितने मुशफ़िक़
आवाराकुन जब नैन हुए
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अनंत ढवळे मुशफ़िक़
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